Pakistan Petrol Diesel Price
पाकिस्तान सरकार ने आम जनता को राहत देते हुए एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती का ऐलान किया है। खास बात यह है कि पिछले सप्ताह भी ईंधन की कीमतों में 6 से 7 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई थी, जबकि अब सरकार ने दूसरी बार दाम घटाकर उपभोक्ताओं को और राहत दी है।
नई घोषणा के अनुसार पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) दोनों की कीमतों में 22-22 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। इस फैसले के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की नई कीमत लगभग 380 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत करीब 381 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में यह कमी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का सीधा परिणाम है। पिछले एक सप्ताह के दौरान ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की चर्चाओं ने तेल बाजार पर सकारात्मक प्रभाव डाला है। हालांकि दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर अभी भी मतभेद बने हुए हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। इसके बावजूद निवेशकों को उम्मीद है कि भविष्य में तेल आपूर्ति स्थिर रह सकती है, जिससे कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
केरोसीन की कीमतों में भी बड़ी राहत
पेट्रोल और डीजल के अलावा पाकिस्तान सरकार ने केरोसीन तेल की कीमतों में भी उल्लेखनीय कटौती की है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम डिवीजन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार नई कीमतें 30 मई से शुरू होने वाले सप्ताह के दौरान लागू रहेंगी।
ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक केरोसीन की कीमत को 313.44 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर से घटाकर 272 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जो घरेलू उपयोग के लिए अब भी केरोसीन पर निर्भर हैं।
राहत के बीच बढ़ोतरी का रिकॉर्ड भी कायम
हालांकि हाल के दो सप्ताह में ईंधन की कीमतों में लगातार कमी देखने को मिली है, लेकिन इससे पहले पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी भी की गई थी।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण मार्च और अप्रैल में सरकार ने ईंधन की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी की थी। 6 मार्च को पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में लगभग 55 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 2 अप्रैल को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी इजाफा देखने को मिला था।
इसी वजह से हालिया कटौती के बावजूद आम जनता को अभी भी ईंधन की कीमतें अपेक्षाकृत ऊंची लग रही हैं।
आम लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
पेट्रोल का इस्तेमाल मुख्य रूप से निजी कारों, मोटरसाइकिलों, ऑटो-रिक्शा और छोटे वाहनों में किया जाता है। इसलिए इसकी कीमतों में कमी का सीधा फायदा मध्यम वर्ग और निम्न-मध्यम वर्ग के लोगों को मिलेगा। परिवहन खर्च कम होने से घरेलू बजट पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
वहीं हाई-स्पीड डीजल का उपयोग ट्रकों, बसों, मालवाहक वाहनों और बड़े जनरेटरों में किया जाता है। ऐसे में डीजल सस्ता होने से माल ढुलाई की लागत कम हो सकती है, जिसका फायदा आने वाले समय में विभिन्न वस्तुओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
भारत में पेट्रोल-डीजल की स्थिति
अगर भारत की बात करें तो यहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव अपेक्षाकृत नियंत्रित तरीके से किया जाता है। तेल कंपनियों और सरकार ने कीमतों में बढ़ोतरी को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है, ताकि महंगाई का अधिक बोझ सीधे आम नागरिकों पर न पड़े।
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में ईंधन मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय बाजार, टैक्स संरचना और तेल कंपनियों की लागत के आधार पर तय होती है। इसी वजह से कीमतों में बड़े बदलाव की बजाय धीरे-धीरे संशोधन देखने को मिलता है।
निष्कर्ष
पाकिस्तान में पेट्रोल, डीजल और केरोसीन की कीमतों में हुई ताजा कटौती आम जनता के लिए राहत भरी खबर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का फायदा सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाया गया है। हालांकि पिछले महीनों में हुई भारी बढ़ोतरी को देखते हुए अभी भी ईंधन की कीमतें पूरी तरह सामान्य स्तर पर नहीं पहुंची हैं। आने वाले समय में वैश्विक तेल बाजार की स्थिति के आधार पर कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।