Kis Kisko Pyar Karoon 2 Review : कपिल शर्मा की कॉमेडी ने फिर जीता दिल या किया निराश?

Kis Kisko Pyar Karoon 2 Review

कॉमेडी किंग Kapil Sharma एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपनी नई फिल्म ‘किस किस को प्यार करूं 2’ के साथ लौट आए हैं। लगभग दस साल पहले आई पहली फिल्म ने दर्शकों को हंसी से लोटपोट कर दिया था, और अब इस सीक्वल में भी वही मस्ती, उलझनें और गलतफहमियों से पैदा होने वाली कॉमेडी देखने को मिल रही है। हालांकि किरदार और सेटिंग बदले हुए हैं, लेकिन कहानी का केंद्रीय मज़ा—एक शख्स की कई शादियाँ और उससे पैदा हुए हंगामे—फिर से दर्शकों के लिए ढेरों मजेदार स्थितियाँ बनाता है।

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कहानी की शुरुआत भोपाल से होती है, जहाँ मोहन शर्मा (कपिल शर्मा) अपनी गर्लफ्रेंड सान्या (हीरा वरीना) से शादी करना चाहता है। दोनों अलग धर्म के हैं, इसलिए परिवार इस रिश्ते के खिलाफ खड़ा हो जाता है।

सान्या को पाने के लिए मोहन इतना बेताब है कि वह अपना धर्म बदलकर महमूद बनने का फैसला तक कर लेता है।

लेकिन और भी ट्विस्ट बाकी हैं । सान्या के पिता उसकी शादी किसी और से तय कर देते हैं । महमूद बनते ही वो मोहन-सान्या की शादी के लिए तैयार हो जाते हैं । इसी बीच गलतफहमियों के कारण मोहन का निकाह रूही (आयशा खान) से हो जाता है। उधर मोहन के माता-पिता उसे जबरन मीरा (त्रिधा चौधरी) से शादी करा देते हैं। तीन शादियों के इस जंजाल में फंसा मोहन अब सान्या को वापस पाने निकला तो उसके कदम उसे गोवा तक पहुंचा देते हैं। लेकिन यहाँ भी किस्मत ने कुछ और ही प्लान कर रखा है—मोहन की एक और शादी जेनी (पारुल गुलाटी) से हो जाती है। अब यह राज कब खुलेगा? सान्या कहाँ है? और क्या मोहन के जीवन की इन चारों औरतों का सच सबके सामने आएगा? यही फिल्म का मुख्य रोमांच है।

 

फिल्म की राइटिंग ने कॉमेडी की स्थिति तो खूब रची हैं, लेकिन कई सीन पुराने और घिसे-पिटे लगते हैं।
जैसे— ट्रैक पर जाकर जान देने की धमकी, दो पत्नियों का कभी न खत्म होने वाला झगड़ा, गलतफहमियों पर आधारित सेल्फ-गोल सिचुएशंस , फिर भी फिल्म में कई मजेदार संवाद हैं जो दर्शकों को हंसाने में कामयाब होते हैं। फिल्म की एक खूबसूरती यह है कि कॉमेडी के बीच यह सभी धर्मों के सम्मान और एकता का संदेश देने की कोशिश भी करती है। किन्नरों का नृत्य सीक्वेंस फिल्म का एक यादगार, ऊर्जा से भरपूर पल बन जाता है।

Kapil Sharma का कॉमिक टाइमिंग फिर जीता दिल

कपिल शर्मा अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग से लोगों को हंसाते हैं, लेकिन उनके कई सीन “द कपिल शर्मा शो” की झलक देते हैं। त्रिधा चौधरी तीनों में सबसे मजबूत परफॉर्मर के रूप में उभरती हैं। आयशा खान, हीरा वरीना और पारुल गुलाटी ने अपनी भूमिकाएँ ईमानदारी से निभाई हैं।

सुशांत सिंह इंस्पेक्टर डी.डी. के रूप में जोरदार स्क्रीन प्रेज़ेंस दिखाते हैं। मनजोत सिंह दोस्त हबी के रूप में हमेशा की तरह प्यारे और फनी लगते हैं। असरानी, विपिन शर्मा और अखिलेंद्र मिश्रा जैसे अनुभवी कलाकार अपने किरदारों में जान डालते हैं।

सिनेमेटोग्राफी, म्यूजिक और डायरेक्शन

भोपाल के aerial shots देखने लायक हैं, जिन्हें सिनेमैटोग्राफर रवि यादव ने बेहतरीन तरीके से फिल्माया है।

हनी सिंह का गाना ‘फुर्र’ फिल्म में जान डालता है, लेकिन बाकी गाने खास प्रभाव नहीं छोड़ते।

मूल फिल्म के लेखक अनुकल्प गोस्वामी ने इस बार डायरेक्शन संभाला है, लेकिन कहानी में ज्यादा नयापन दिखता नहीं है।

क्या यह फिल्म देखने लायक है?

अगर आप दिमाग बंद करके हंसना, हल्का-फुल्का मनोरंजन और पुरानी स्टाइल की कॉमेडी पसंद करते हैं—
तो ‘किस किस को प्यार करूं 2’ एक ठीक-ठाक टाइमपास फिल्म साबित हो सकती है। लेकिन अगर आप नई कहानी, ताज़ा कॉमेडी और आधुनिक अंदाज़ की कॉमिक फिल्म ढूंढ रहे हैं—
तो यह फिल्म आपको कुछ हद तक दोहराव वाली लग सकती है।

इस सीक्वल में वही कॉमेडी टेंपलेट है जो पहली फिल्म में था—
उलझनें, गलतफहमियाँ, और लगातार बढ़ती शादियाँ!

कुछ मजेदार पलों और कलाकारों के सहज अभिनय के कारण फिल्म देखने लायक है,
लेकिन कहानी अगर थोड़ी और मजबूती के साथ पेश की जाती,
तो यह फिल्म एक शानदार कॉमेडी बन सकती थी।

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